क्या आप जानते हैं कि विराट कोहली जिस स्नैक को खाते हैं, वो आपके घर तक कैसे पहुंचा? जानिए Too Yumm की पूरी कहानी।
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Too Yumm क्या है और इसे किसने बनाया?
भारत में स्नैकिंग का बाजार लगभग ₹20,000 करोड़ से भी अधिक का है — और इस भीड़ भरे बाजार में एक ऐसा ब्रांड उभरा जिसने “स्वाद और सेहत” को एक साथ परोसा।
Too Yumm की स्थापना 2016 में हुई। यह RP-Sanjiv Goenka Group की कंपनी GuiltFree Industries Limited का प्रमुख उत्पाद है। कंपनी की बागडोर संभाली Sanjiv Goenka के बेटे Shashwat Goenka ने। उनका सपना था — भारत को एक ऐसा स्नैक देना जो तला हुआ न हो, कैलोरी में कम हो, लेकिन स्वाद में किसी से कम न हो।
Too Yumm के प्रोडक्ट्स बेक्ड होते हैं, तले नहीं — और इनमें सामान्य आलू चिप्स की तुलना में 40% कम फैट होता है। यही USP इस ब्रांड को बाकी सबसे अलग बनाती है।
विराट कोहली और Too Yumm का जुड़ाव
जब Too Yumm को बड़े स्तर पर लॉन्च करना था, तो Sanjiv Goenka ने एक ऐसे चेहरे को चुना जो “फिटनेस” और “स्वाद” दोनों का प्रतीक हो — और वो चेहरा था विराट कोहली का।
2018 में Too Yumm ने विराट कोहली को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया। यह दो साल का अनुबंध था, जिसमें कोहली ब्रांड के सभी प्रोडक्ट वेरिएंट्स को प्रमोट करने वाले थे।
विराट कोहली एक fitness freak के रूप में जाने जाते हैं। वो हमेशा से यह कहते आए हैं कि वो सिर्फ उन्हीं ब्रांड्स को एंडोर्स करते हैं जिन पर उन्हें व्यक्तिगत भरोसा हो। ऐसे में Too Yumm के साथ उनका जुड़ाव बिल्कुल स्वाभाविक था।
“Eat Lot, Fikar Not” — Too Yumm का यह tagline और विराट का गिल्ट-फ्री स्नैकिंग का संदेश भारत के युवाओं के दिलों में सीधे उतर गया।

IPL और #WhyChipsVirat कैंपेन — मार्केटिंग की मास्टरक्लास
Too Yumm ने अपनी मार्केटिंग को बेहद चालाकी से IPL के साथ जोड़ा। #WhyChipsVirat कैंपेन IPL के दौरान वायरल हो गया, जिसमें विराट को Too Yumm multigrain chips खाते दिखाया गया।
इस कैंपेन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यह सिर्फ एक विज्ञापन नहीं था — यह एक social media movement बन गया। लोगों ने खुद से सवाल करना शुरू किया: “जब विराट हेल्दी स्नैक खा सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?”
ब्रांड ने स्टेडियमों में विज्ञापन, OTT प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया और TV — सभी चैनलों पर एक साथ प्रहार किया। नतीजा? लॉन्च के महज 7 महीनों में कंपनी का कारोबार ₹100 करोड़ पार कर गया।
Too Yumm की ग्रोथ: नंबरों में कहानी
Yumm की सफलता की कहानी सिर्फ विराट कोहली के नाम तक सीमित नहीं है। इसके पीछे है एक मजबूत बिजनेस स्ट्रैटेजी:
- लॉन्च के समय 50,000 स्टोर्स में उपलब्धता, जिसे जल्द ही तिगुना करने का लक्ष्य रखा गया
- तेलंगाना में ₹200 करोड़ की लागत से FMCG ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
- वार्षिक बिक्री ₹200 करोड़+, और हर महीने 12-15% की ग्रोथ
- 25 से अधिक फ्लेवर्स — Bhoot Chips, American Sour Cream & Onion समेत कई लोकप्रिय वेरिएंट्स
- Marvel के साथ लाइसेंसिंग डील — Iron Man, Captain America और Black Panther थीम्ड स्नैक्स
स्वास्थ्य और स्वाद का सही तालमेल — यही है Yumm की पहचान
आज के भारत में, खासकर युवा पीढ़ी, health-conscious हो रही है। लोग चाहते हैं कि उनका खाना स्वादिष्ट हो — लेकिन guilt-free भी। Too Yumm ने इसी मानसिकता को समझा और उसी के अनुसार अपना प्रोडक्ट और मार्केटिंग तैयार की।
विराट कोहली की छवि ने इस संदेश को और विश्वसनीय बनाया। जब क्रिकेट का सबसे फिट खिलाड़ी किसी स्नैक को खाता है और कहता है “यह हेल्दी है” — तो उसे सुना जाता है।
निष्कर्ष
Too Yumm की कहानी सिर्फ एक स्नैक ब्रांड की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस सोच की जीत है जो मानती है कि स्वाद और स्वास्थ्य साथ-साथ चल सकते हैं। RP-Sanjiv Goenka Group के दूरदर्शी नेतृत्व, Shashwat Goenka की मेहनत, और विराट कोहली की विश्वसनीयता ने मिलकर इस ब्रांड को भारत के स्नैकिंग मार्केट में एक अलग पहचान दिलाई।
अगली बार जब आप कोई चिप्स खाएं — तो एक बार सोचें: क्या वो guilt-free है? अगर नहीं, तो शायद Too Yumm आज़माने का वक्त आ गया है।
यह लेख TechnoSports Hindi के लिए लिखा गया है। टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स और बिजनेस की ऐसी ही रोचक खबरों के लिए जुड़े रहें hindi.technosports.co.in से।