अरुणा ईरानी: 9 साल की बच्ची से बॉलीवुड की दिग्गज

जब बॉलीवुड में बहुमुखी प्रतिभा की बात आती है, तो अरुणा ईरानी का नाम सबसे पहले आता है। 500 से अधिक फिल्मों में काम करने वाली यह दिग्गज अभिनेत्री एक…

February 18, 2026
1 min read

जब बॉलीवुड में बहुमुखी प्रतिभा की बात आती है, तो अरुणा ईरानी का नाम सबसे पहले आता है। 500 से अधिक फिल्मों में काम करने वाली यह दिग्गज अभिनेत्री एक ऐसी कलाकार हैं जिन्होंने बाल कलाकार से लेकर माँ के किरदार तक हर भूमिका में अपना लोहा मनवाया है।

अरुणा ईरानी

अरुणा ईरानी कौन हैं?

18 अगस्त 1946 को मुंबई में जन्मी अरुणा ईरानी हिंदी, कन्नड़, मराठी और गुजराती सिनेमा की प्रसिद्ध चरित्र अभिनेत्री हैं। उनका असली नाम अरुणा ईरानी है और वह एक ईरानी पिता और हिंदू माँ की बेटी हैं।

जीवनी सारांश

विवरणजानकारी
पूरा नामअरुणा ईरानी
जन्म तिथि18 अगस्त 1946
उम्र (2026 में)79 वर्ष
जन्म स्थानगुजरात मूल की, मुंबई में पली-बढ़ी
डेब्यू फिल्मगंगा जमुना (1961, बाल कलाकार के रूप में)
प्रमुख ब्रेकथ्रूकारवां (1971, चाकू फेंकने वाली Gypsy रोल)
अन्य हिट फिल्मेंबॉबी (1973), फकीरा (1976), सरगम (1979), रॉकी (1981), बेटा (1992)
फिल्मफेयर अवॉर्ड्सबेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस: पेट प्यार और पाप (1984), बेटा (1992); कुल 10 नॉमिनेशन (रिकॉर्ड)
लाइफटाइम अचीवमेंट57वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स (2012)
टीवी करियरमेहंदी तेरे नाम की, देश में निकला होगा चाँद (निर्माता/अभिनेत्री)
अन्य भाषाएंकन्नड़, पंजाबी, मराठी, गुजराती फिल्में
कुल फिल्में500+

संघर्ष की शुरुआत: गरीबी से सितारे तक

अरुणा के पिता फरीदुन ईरानी एक ड्रामा कंपनी चलाते थे और माँ सगुना अभिनेत्री थीं। वह आठ भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं और छठी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी क्योंकि परिवार के पास सभी बच्चों को शिक्षित करने के पैसे नहीं थे।

दिलीप कुमार से मिली पहली ब्रेक

एक दिलचस्प वाकये में, जब छोटी अरुणा फिल्म सेट पर कोल्ड ड्रिंक पी रही थीं, तभी दिलीप कुमार ने उन्हें देखा और पूछा कि क्या वह डायलॉग बोल सकती हैं। इस तरह उन्हें 1961 में फिल्म गंगा जमुना में पहला रोल मिला, जब वह मात्र 9 साल की थीं।

करियर: हर किरदार में कमाल

बाल कलाकार से अभिनेत्री तक

अरुणा ईरानी ने अपने करियर में हर तरह की भूमिका निभाई – बाल कलाकार, कॉमेडियन, खलनायिका, हीरोइन और माँ का किरदार। उन्होंने महमूद के साथ कई कॉमेडी फिल्में कीं जो दर्शकों को बेहद पसंद आईं।

यादगार फिल्में और गाने

फिल्म का नामरिलीज वर्षविशेषता
गंगा जमुना1961बाल कलाकार के रूप में डेब्यू
अनपढ़1962मला सिन्हा की बचपन की भूमिका
कारवां1971पहला फिल्मफेयर नामांकन
बॉम्बे टू गोवा1972अमिताभ के साथ मुख्य भूमिका
बॉबी1973सहायक अभिनेत्री
पेट प्यार और पाप1984पहला फिल्मफेयर पुरस्कार
बेटा1992दूसरा फिल्मफेयर पुरस्कार (माँ का किरदार)

मशहूर गाने जैसे चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी, दिलबर दिल से प्यारे और थोड़ा रेशम लगता है में अरुणा के शानदार डांस को आज भी याद किया जाता है।

पुरस्कार और सम्मान

अरुणा ईरानी के नाम सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री श्रेणी में सबसे अधिक 10 नामांकन का रिकॉर्ड है। उन्होंने पेट प्यार और पाप (1985) और बेटा (1993) के लिए दो बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।

2012 में, उन्हें 57वें फिल्मफेयर अवार्ड्स में प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

टेलीविजन में भी सफलता

बड़े पर्दे के अलावा, अरुणा ईरानी ने टीवी की दुनिया में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने “मेहंदी तेरे नाम की,” “देस में निकला होगा चाँद,” “रब्बा इश्क ना होवे” और “वैदेही” जैसे धारावाहिकों का निर्माण और निर्देशन किया।

व्यक्तिगत जीवन: एक विवादित शादी

40 साल की उम्र में अरुणा ईरानी ने फिल्म निर्देशक कुकू कोहली से शादी की, जो उस समय पहले से शादीशुदा थे। यह शादी काफी चर्चित रही और अरुणा को कई आरोपों का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने हमेशा अपने फैसलों पर दृढ़ता से खड़े रहते हुए अपनी बात रखी।

स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां

हाल ही में, अरुणा ईरानी ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने जीवन में दो बार कैंसर और किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ाई लड़ी है। उनकी यह जिजीविषा और साहस प्रेरणादायक है।

फिल्म परिवार की विरासत

अरुणा का पूरा परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा है। उनके भाई इंद्र कुमार प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हैं, जबकि आदि ईरानी और फिरोज ईरानी भी इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। चरित्र अभिनेत्री बिंदु उनकी चचेरी बहन हैं।

अरुणा ईरानी से सीखें

हर भूमिका में पूर्णता का प्रयास करें। चाहे छोटा रोल हो या बड़ा, अरुणा ने हर किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया।

परिस्थितियां आपको नहीं रोक सकतीं। गरीबी और शिक्षा की कमी के बावजूद, उन्होंने अपनी प्रतिभा से बॉलीवुड में नाम कमाया।

बहुमुखी प्रतिभा ही सफलता की कुंजी है। बाल कलाकार, कॉमेडियन, खलनायिका, हीरोइन, माँ – हर भूमिका में अरुणा ने उत्कृष्टता दिखाई।

उम्र कभी बाधा नहीं। 78 साल की उम्र में भी वह सक्रिय हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

निष्कर्ष

अरुणा ईरानी की कहानी एक साधारण लड़की के असाधारण सितारा बनने की कहानी है। 40 साल के फिल्मी करियर में 500 से अधिक फिल्मों में काम करके उन्होंने अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग बनाई।

उन्होंने सिखाया कि सफलता के लिए जरूरी नहीं कि आप हमेशा लीड रोल में हों – अगर आपमें प्रतिभा और समर्पण है, तो छोटे रोल से भी आप दर्शकों के दिलों में राज कर सकते हैं।

आज भी जब कभी पुरानी फिल्मों की बात होती है, तो अरुणा ईरानी का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है। वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि बॉलीवुड की एक जीवंत परंपरा हैं।

“प्रतिभा कभी छुपती नहीं, बस सही मौके का इंतजार करती है” – यह बात अरुणा ईरानी के जीवन से पूरी तरह साबित होती है! 🎬✨


मुख्य बिंदु:

  • 500+ फिल्मों में अभिनय
  • 10 बार फिल्मफेयर नामांकन (रिकॉर्ड)
  • 2 बार फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता
  • 2012 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
  • टीवी निर्माता और निर्देशक भी
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