केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

Central Board of Secondary Education (CBSE): भारत की शिक्षा प्रणाली का मजबूत स्तंभ

Central Board of Secondary Education यानी CBSE भारत की सबसे प्रमुख शिक्षा परिषद है, जिसने भारतीय स्कूली शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई दी है। आज Central Board of Secondary…

November 12, 2025
1 min read

Central Board of Secondary Education यानी CBSE भारत की सबसे प्रमुख शिक्षा परिषद है, जिसने भारतीय स्कूली शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई दी है। आज Central Board of Secondary Education न सिर्फ भारत, बल्कि 28 देशों में ~240 से अधिक स्कूल चला रहा है और 27,000 से ज्यादा स्कूल इससे मान्यता प्राप्त हैं।

Central Board of Secondary Education
Central Board of Secondary Education

Central Board of Secondary Education : इतिहास और संरचना

CBSE की स्थापना 1929 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, ट्रांसफरेबल शिक्षा सुनिश्चित करना था। बोर्ड को 1952 में वर्तमान नाम मिला और 1962 से इसका पुनर्गठन हुआ, जिससे सेवाएँ पूरे देश में उपलब्ध हो गईं।

  • मुख्यालय: नई दिल्ली, भारत
  • चेयरपर्सन: राहुल सिंह (IAS)
  • मुख्य उद्देश्य: शैक्षणिक जरूरतों की पूर्ति, गुणवत्ता, नवाचार और मूल्य आधारित शिक्षा।

संचालित परीक्षाएँ

Central Board of Secondary Education हर साल कक्षा 10 (AISSE) और 12 (AISSCE) की अखिल भारतीय परीक्षाएँ आयोजित करता है। इसके अलावा AIEEE, AIPMT जैसी प्रवेश परीक्षाएँ भी पूर्व में संचालित करती रही है। बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों का पाठ्यक्रम NCERT से निर्धारित होता है।


ताजा अपडेट्स और नए नियम

Central Board of Secondary Education शिक्षा व परीक्षा में लगातार बदलाव ला रहा है—

  • दो बार बोर्ड परीक्षा (2025-26): अब कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित हो सकती है, ताकि स्टूडेंट्स को बेहतर स्कोरिंग का मौका मिले।
  • 75% उपस्थिति अनिवार्य: 2026 सत्र से 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को कम-से-कम 75% स्कूल में उपस्थित रहना जरूरी है, जिससे इंटरनल मार्क्स भी जुड़े होंगे।
  • डिजिटल माइग्रेशन सर्टिफिकेट: अब छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट Digilocker के जरिये मिलेगा – पेपर के बजाय इलेक्ट्रॉनिक डॉक्युमेंट सिस्टम।
  • अंतरराष्ट्रीय विस्तार: CBSE अब अंतरराष्ट्रीय लेवल तक फैल रहा है और विदेश में भी स्कूल खोले जा रहे हैं।
  • NEP 2020 का कार्यान्वयन: रटकर पढ़ाई की आदत हटेगी, और अब समझ व स्किल आधारित शिक्षा को प्रमोट किया जाएगा। इसके लिए स्कूल अब नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू कर रहे हैं।

Central Board of Secondary Education

FAQs: आपके सवाल, हमारे जवाब

  • CBSE बोर्ड परीक्षा कब होती है?
    — आमतौर पर फरवरी–मार्च के बीच, परिणाम अप्रैल–मई में आते हैं।
  • कहाँ से सिलेबस व सैंपल पेपर डाउनलोड करें?
    — CBSE की आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट पर — CBSE Academics
  • CBSE बोर्ड परीक्षा के लिए जरूरी उपस्थिति कितनी है?
    — 2026 सत्र से कम-से-कम 75% अटेंडेंस जरूरी है।
  • डिजिटल माइग्रेशन सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें?
    — Digilocker अकाउंट बना कर, आधिकारिक निर्देशों के अनुसार डिजिटल डॉक्युमेंट पाएँ।
  • क्या CBSE अंतरराष्ट्रीय है?
    — जी हाँ, 28 देशों में 240 और भारत में 27,000 से अधिक स्कूल CBSE से सम्बद्ध हैं।

निष्कर्ष

CBSE यानी Central Board of Secondary Education की शिक्षा प्रणाली भारत में गुणवत्ता, नवाचार, और स्किल को आधारित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। नए नियम, डिजिटल नवाचार, और अंतरराष्ट्रीय विस्तार ने इसे विश्वस्तरीय बना दिया है। आपके करियर, उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के लिए CBSE के साथ जुड़े रहें।

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