क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा का वो कौन सा अभिनेता है जिसने पांच भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्में कीं? आइए जानते हैं प्रकाश राज की प्रेरक कहानी को, जो एक साधारण थिएटर कलाकार से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बने।
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प्रकाश राज कौन हैं?
प्रकाश दक्षिण भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड के प्रतिष्ठित अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और टीवी प्रेजेंटर हैं, जिनका जन्म 26 मार्च 1965 को बेंगलुरु में हुआ था। वह मुख्य रूप से अपने शक्तिशाली खलनायक किरदारों और बहुमुखी अभिनय के लिए जाने जाते हैं।
मूल जानकारी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| असली नाम | प्रकाश राय |
| जन्म तिथि | 26 मार्च 1965 |
| जन्म स्थान | बेंगलुरु, कर्नाटक |
| उम्र | 59 वर्ष (2024) |
| पिता | मंजूनाथ राय |
| माता | स्वर्णलता राज |
| भाई | प्रसाद राज (अभिनेता) |
| शिक्षा | सेंट जोसेफ कॉलेज, बेंगलुरु |
| भाषाएं | कन्नड़, तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम, मराठी, अंग्रेजी |
₹300 से करोड़ों तक का सफर
प्रकाश राज ने अपने शुरुआती करियर में ₹300 प्रति माह के लिए स्टेज शो में अभिनय किया। यह वो दौर था जब उन्हें नहीं पता था कि एक दिन वह भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित कलाकारों में गिने जाएंगे।
करियर की शुरुआत:
- कन्नड़ थिएटर से शुरुआत
- दूरदर्शन के धारावाहिक “बिसिलु कुदुरे” में काम
- 1994 में के. बालाचंदर की फिल्म “ड्यूट” से तमिल सिनेमा में डेब्यू
बहुभाषी सितारा: अनोखी पहचान
प्रकाश की तुलु, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, हिंदी, अंग्रेजी और मराठी में प्रवाहता ने उन्हें भारतीय सिनेमा में सबसे अधिक मांग वाले अभिनेताओं में शामिल किया। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।
प्रमुख फिल्में:
| साल | फिल्म | भाषा | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1997 | इरुवर | तमिल | राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता |
| 1998 | अंथपुरम | तेलुगु | राष्ट्रीय पुरस्कार (विशेष जूरी) |
| 2004 | खाकी | हिंदी | भ्रष्ट ACP |
| 2005 | अन्नियन | तमिल | DCP प्रभाकर |
| 2010 | दबंग | हिंदी | मुख्य खलनायक |
| 2011 | सिंघम | हिंदी | जयकांत शिकरे |
| 2012 | दबंग 2 | हिंदी | खलनायक |
| 2022 | KGF: Chapter 2 | कन्नड़ | महत्वपूर्ण भूमिका |
पुरस्कारों की झोली भरी
प्रकाश राज को पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, आठ नंदी पुरस्कार, आठ तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार, छह फिल्मफेयर पुरस्कार दक्षिण, और कई अन्य सम्मान मिले हैं।
उल्लेखनीय पुरस्कार:
- ✨ राष्ट्रीय पुरस्कार (1997) – इरुवर में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता
- ✨ राष्ट्रीय पुरस्कार (1998) – अंथपुरम में विशेष जूरी पुरस्कार
- ✨ राष्ट्रीय पुरस्कार (2009) – कांचीवरम में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
- ✨ राष्ट्रीय पुरस्कार (2011) – “कथनी” में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (निर्माता)
- ✨ ITFA पुरस्कार (2003) – सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता
बॉलीवुड में खलनायक का ताज
दक्षिण भारतीय सिनेमा से कमल हासन के बाद प्रकाश राज पहले ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने सिंघम, वांटेड, और दबंग-2 जैसी फिल्मों में खलनायक के रूप में अविस्मरणीय प्रदर्शन दिए।
बॉलीवुड हिट्स:
- वांटेड (2009)
- दबंग (2010)
- सिंघम (2011)
- बुड्ढा होगा तेरा बाप (2011)
- दबंग 2 (2012)
- सिंह साहब द ग्रेट (2013)

निजी जीवन: उतार-चढ़ाव
प्रकाश राज ने 1994 में अभिनेत्री ललिता कुमारी से शादी की, जिनसे उनकी दो बेटियां मेघना और पूजा तथा एक बेटा सिद्धु हैं। 2009 में दंपति ने तलाक ले लिया। इसके बाद उन्होंने 24 अगस्त 2010 को कोरियोग्राफर पोनी वर्मा से शादी की, जिनसे उनका एक बेटा वेदांत है।
पारिवारिक जानकारी:
| संबंध | नाम |
|---|---|
| पहली पत्नी | ललिता कुमारी (1994-2009) |
| दूसरी पत्नी | पोनी वर्मा (2010-वर्तमान) |
| बच्चे | मेघना, पूजा, सिद्धु, वेदांत |
विवादों का सामना
प्रकाश राज अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। 2011 में फिल्म “सिंघम” में कन्नड़िगों के खिलाफ कुछ संवादों को लेकर विवाद हुआ था। कई संगठनों ने थिएटरों के सामने विरोध प्रदर्शन किए।
राजनीतिक सक्रियता
प्रकाश राज एक मुखर सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वह सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने में संकोच नहीं करते। प्रकाश राज एक नास्तिक हैं और धर्मनिरपेक्षता के समर्थक के रूप में जाने जाते हैं।
प्रकाश राज की खास बातें
क्यों हैं अलग:
- ✨ 400+ फिल्मों में काम करने का रिकॉर्ड
- ✨ पांच भाषाओं में धाराप्रवाह अभिनय
- ✨ थिएटर में 2000+ नाटक किए
- ✨ राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता और निर्माता
- ✨ टीवी होस्टिंग में भी सफल (Neengalum Vellalam Oru Kodi)
- ✨ स्पष्टवादी और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक
टीवी और अन्य काम
प्रकाश राज ने टेलीविजन में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने तमिल टीवी शो “Neengalum Vellalam Oru Kodi” (कौन बनेगा करोड़पति का तमिल संस्करण) की मेजबानी की।
आज का प्रकाश राज
आज 59 वर्ष की उम्र में प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के एक अमूल्य रत्न हैं। उनका हर किरदार दर्शकों के दिलों में बस जाता है। चाहे वह खलनायक हो या सहायक भूमिका, प्रकाश राज अपने अभिनय से हर दृश्य को यादगार बना देते हैं।
निष्कर्ष
प्रकाश राज की कहानी हमें सिखाती है कि प्रतिभा, मेहनत और बहुमुखी कौशल से कोई भी शिखर पर पहुंच सकता है। ₹300 प्रति माह से शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने आज करोड़ों दिलों पर राज किया है।
तमिल निर्देशक के. बालाचंदर की सलाह पर उन्होंने अपना नाम प्रकाश राय से प्रकाश राज में बदला, लेकिन अपनी कला में कभी कोई समझौता नहीं किया।
क्या आपने प्रकाश राज की कोई पसंदीदा फिल्म देखी है? उनका अगला प्रोजेक्ट देखने के लिए तैयार रहिए!
